१. कश्मीरी की अगर बात आती है तो केवल मुसलमानों के ही बारे मैं क्यों सोचा जाता है क्यों नहीं कोई कश्मीरी हन्दू विस्थापितों की कोई बात करता है?
२. क्या अगर कोई कश्मीरी विस्थापितों की बात करता है इसका मतलब ये है की ओ समस्या को बहधा रहा है?
३. अगर प्रजा परिषद् के जनसंघ में मिलने के बाद अगर आज भी जनसंघ हिन्दुस्तान विरोधी है तो कांग्रेस जिसे अंग्रेजों ने बनाया था, इसका मतलब यही हुआ ना की आज भी अंग्रेज भारत पे राज कर रहे हैं और जब तक कांग्रेस साशन मैं रहेगी हिन्दुस्तान आजाद नहीं हुआ समझा जाएगा?
४. कश्मीर अगर आजादी जाहते हैं तो मैं भी उसका समर्थन करता हूँ ! उन्हें अगर आजाद होना है तो सवख से हो लेकिन जितने भी मुसलमान हिंदुस्तान मैं हैं हिन्दुस्तान छोर के चले जाये!
५. भारत को ये मान लेना चाहिए की कश्मीर की जो भूमि पकिस्तान के पास है ओ अब कभी भी भारत वापस नहीं ला सकता! क्यों ? क्योंकि बी जे पी का नेता अखबारी सुर्ख़ियों में अपना नाम दर्ज करवाने के लिए ये काम कभी नहीं होने देगा और हरदम अरंगा लगाता रहेगा ?
६. आसाम, आन्ध्र छतीसगढ़ मैं जो हो रहा है ये सब भी बी जे पी ने ही किया है? क्यों की वंहा के भी नेता अखबारी सुर्ख़ियों में अपना नाम दर्ज करवाने के लिए वंहा का माहौल बिगार रहे हैं?
७. बिहार में जो जंगल राज था ओ भी बी जे पी का नेता अखबारी सुर्ख़ियों में अपना नाम दर्ज करवाने के लिए कर रहे थे.
आदि आदि….
मेरे उपरवाले कमेन्ट को पढ़ कर ये मत समझ लीजियेगा की मैं बी जे पी भक्त हूँ!
बी जे पी केवल बनियों की पार्टी हैं और वंहा कोई भी अच्छा नेता टिक नहीं सकता! लेकिन मेरा ये मानना है की कांग्रेस ने केवल अपनी सता पे पकड़ के लिए ही आज तक कश्मीर इस्सुए को बनाये रखा है.मुसलमानों और हिन्दुओं को लड़ाने के लिए ही राजीव गाँधी ने अयोध्या मैं विवादित स्थल का ताला खुलवाया था! ये वही देश का गद्दार है जिसने २५,००० से जयादा भोपाल वाशियों के हत्यारे को भारत से भगाया था !
एक और बात …
समय सबसे बार बलवान होता है और इतिहास फिर से दोहराया जाता है, ये बात ध्यान मैं रखियेगा! जब फिर से इतिहास लिखा जायेगा उस समय कांग्रेस का पक्ष लेने वाला भी कोई नहीं होगा.
कर्बला के मैदान मैं याजिद और पैगम्बर मोहम्मद के नवासे हुसैन के बीच लड़ाई हुए थी लेकिन ८० सालों के बाद क्या हुआ सायद आपको पता हो? मुस्लिम धर्मं दो फार हो गयी पता है ना आपको?
मुग़ल भी जब शासन में थे तो उन्ही की तूती बोलती थी लेकिन आज क्या हाल है, ५०० सालों के बाद !




