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Monthly Archives: January 2011

मंहगाई और देश के गरीब जनसेवक

देश में मंहगाई आसमान छू रही है। चीजों के भाव कई गुना बढ़ चुके हैं। कहीं भी चाय पान या खाना खाने जाईए तो जेब हल्की होना स्वाभाविक ही है। एसी स्थिति में क्या देश में कोई जगह एसी है, जहां कम कीमत पर खाने को मिल जाए। आपका उत्तर होगा नहीं। नहीं जनाब, एसा नहीं है देश में एक जगह एसी भी है जहां माटी मोल खान पान की सामग्री बिकती है। देश में एक जगह एसी है जहां आपको एक रूपए में चाय, साढ़े पांच रूपए में सूप, डेढ़ रूपए में दाल, एक रूपए की चपाती, साढ़े चोबीस रूपए में चिकन, चार रूपए का दोशा, आठ रूपए की वेज बिरयानी, तेरह रूपए की मछली एक प्लेट मिल सकती है। क्या आप जानना चाहेंगे कहां? यह सब कुछ गरीब लोगों के लिए है। यह है इंडियन पार्लियामेंट की केंटीन का रेट कार्ड, जहां देश के वे गरीब खाते हैं, जिन्हें रहने के लिए आवास, आने जाने के लिए एयर कंडीशन सफर सब कुछ निशुल्क के अलावा अस्सी हजार रूपए मासिक वेतन के साथ अनाप शनाप भत्ते मिलते हैं। यह सब देश के हर नागरिक से वसूले गए कर से ही निकलता है। मतलब साफ है कि मजे उड़ाएं देश के गरीब जनसेवक और भोगमान भोगे उन्हें चुनने वाली जनता।

 
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Posted by on January 30, 2011 in News

 
 
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