All this money comes from hinduu temples and from hinduu tax money which is spent against hinduus
क्या आप जानते है मात्र एक चैनल पर सरकार खुद के विज्ञापन का कितना खर्चा करती है ?
विज्ञापन दर -
एनडीटीवी – प्रति 10 सेकेंड का रु॰ 3,810/- (साधारण दिन)
आजतक – प्रति 10 सेकेंड का रु॰ 3,720/- (साधारण दिन)
स्टार न्यूज़ – प्रति 10 सेकेंड का रु॰ 2,490/- (साधारण दिन)
IBN7 – प्रति 10 सेकेंड का रु॰ 2,250/- (साधारण दिन)
भारत निर्माण विज्ञापन
समय = 90 क्षण (सेकेंड)
प्रतिदिन (average – slots / day) – 10 प्रतिदिन (min.)
हर विज्ञापन की अनुमानित लागत -
90 X 2500/- = 2,25,000
प्रति चैनल पर प्रतिदिन विज्ञापन पर अनुमानित खर्चा
2,25,000.00 x 10 = 22,50,000.00
यह पैसा सरकार कॉंग्रेस का नहीं मेहनत लोगो द्वारा भरे गए टेक्स का पैसा है.
आप टेक्स भरते है क्या इन विज्ञापनों के लिए ?
अब समझ लीजिये की चैनल क्यूँ कोंग्रेसियों के तलवे चाटते है !
सरकार द्वारा रू2250000 प्रति चैनल पर प्रति दिन खर्च करना एक तरह से चैनलों को घूस
देना जैसा है, ताकि सरकार के भ्रष्टाचार को खोलें नहीं।
सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों के विज्ञापन से जनता को क्या लाभ? उसे तो
विकास होगा तो स्वयं दिखाई देगा। इससे केवल शासन कर रहे राजनैतिक दलों को अपनी
जनहितकारी छवि प्रस्तुत करने का लाभ पहुंचाता है। सरकार द्वारा जनता से टेक्स के पैसे को
किसी दल द्वारा अपने लाभ के लिए खर्च किया जा रहा है, इसलिए भ्रष्टाचार है।
किन्तु इस भ्रष्टाचार में चूंकि मीडिया बराबर से संलिप्त है इस लिए इसका विरोध मीडिया के
मार्फत कभी हो ही नहीं सकता।
अब प्रश्न है चैनलों को स्वामी रामदेवजी से
क्या कमाई है ? कुछ नहीं
जागो भारतीयो जागो ……
*यह आकड़ें विभिन्न समाचार चैनलों की विज्ञापन कीमतों और सरकार द्वारा बुक किए गए विज्ञापनो के आकडे है




