"Everybody is a genius. But if you judge a fish by its ability to climb a tree, it will live its whole life believing that it is stupid." – Albert Einstein

ज्ञानी जैल सिंह ने की थी महात्मा गांधी की ह त्या?


जिले के रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस में चपरासी के तीन पदों के लिए करीब 1300 उम्मीदवारों ने इंटरव्यू में आकर ऐसे अटपटे जवाब दिए कि इंटरव्यू लेने वाली समिति के अफसर हैरान रह गए।

इनमें ज्यादातर पश्चिमी यूपी, राजस्थान और दिल्ली से जुड़े आवेदक थे। हैरानी की बात यह रही कि दिल्ली में रहने वाले कई उम्मीदवारों से जब वहां के एलजी (गवर्नर) का नाम पूछा गया तो ज्यादातर ने शीला दीक्षित को एलजी बताया।

जब सीएम का नाम पूछा तो मनमोहन सिंह का नाम निकला। यहीं नहीं, जब इंटरव्यू लेने वालों ने पूछा कि प्रधानमंत्री कौन है तो जवाब मिला कि प्रतिभा पाटिल देश की पीएम हैं। यानी नाम तो सभी को पता है, मगर किस पद पर हैं यह नॉलेज नहीं हैं। एक सवाल में जब पैनल के मेंबरों ने पूछा कि देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को गोली किसने मारी तो उम्मीदवार ने बताया कि ज्ञानी जैल सिंह ने महात्मा गांधी को मारा।

जिले के आरटीओ लालजी चौधरी ने बताया कि गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर और बुलंदशहर के लिए चतुर्थ श्रेणी में चपरासी के 3 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इसमें 2,600 के करीब आवेदन आए, इनमें लगभग 1,300 लोगों को बुलाया गया।

4 फरवरी से 22 फरवरी तक चले इंटरव्यू में पोस्टग्रैजुएट, ग्रैजुएट, इंटरमीडिएट की तादाद 30 पर्सेंट से ज्यादा रही। गवर्नमेंट के नियम के अनुसार चपरासी के पद के लिए पांचवीं पास की शैक्षिक योग्यता होना जरूरी है।

इसके अलावा उम्मीदवार को साइकल चलानी आती हो। इस पद को लेकर लालजी चौधरी की अध्यक्षता में गठित कमिटी के 4 मेंबरों ने लगातार सौ-सौ आवेदकों को रोजाना बुलाया। आरटीओ लालजी चौधरी ने बताया कि ग्रैजुएट और पोस्टग्रैजुएट होने के बावजूद कैंडिडेट्स का सामान्य ज्ञान बेहद कमजोर निकला।

गढ़ से आए एक आवेदक से पूछा गया कि गढ़ के पास कौन सी नदी बहती है, तो बताया कि वहां तो कोई नदी नहीं है। नदी तो यमुना है जो दिल्ली के पास है। राजस्थान के जयपुर से आए एक उम्मीदवार से राजस्थान के मुख्यमंत्री का नाम पूछा गया तो बताया कि वहां तो जगन्नाथ पहाडि़या मुख्यमंत्री है।

पश्चिमी यूपी से आए आवेदकों ने यूपी की राजधानी दिल्ली बताई। इंटरव्यू के दौरान लोकल लेवल पर डीएम, एसएसपी या कमिश्नर के नाम पूछे गए तो 90 पर्सेंट आवेदक नाम नहीं बता पाए। गणित की थाह ली गई तो ज्यादातर आवेदक 420 में 4 का भाग नहीं दे पाए। ग्रैजुएट से ग्रैजुएट की स्पेलिंग, सीबीएसई पास स्टूडेंट से सीबीएसई की फुल फॉर्म पूछी गई तो संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।

आरटीओ ने बताया कि जिले में चपरासी के तीनों पदों पर इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी कर दी गई है। इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश होने पर इस इंटरव्यू के रिजल्ट घोषित होंगे। हाई कोर्ट ने पहले से तैनात चपरासी को रेग्युलर करने को लेकर स्टे जारी कर दिया है।

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