"Everybody is a genius. But if you judge a fish by its ability to climb a tree, it will live its whole life believing that it is stupid." – Albert Einstein

किसानों और पुलिस में हिंसक झड़प, तीन की मौत


झड़प के बाद गाँव में लगी आग

देश की राजधानी दिल्ली के पास ग्रेटर नोएडा में अपनी ज़मीन के लिए बेहतर मुआवज़ा मांग रहे किसानों और सुरक्षा बलों के बीच हुई हिंसक झड़पों में तीन लोगों की मौत हो गई है जिनमें दो पुलिस के जवान हैं.

इन झड़पों में ज़िलाधीश और पुलिस अधीक्षक घायल हो गए हैं.

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक करमवीर सिंह के अनुसार कई अन्य जवान घायल हुए हैं. लखनऊ में एक पत्रवार्ता में उन्होंने बताया कि इस मामले में 15 से 20 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

पुलिस का कहना है कि पुलिस जवान और ज़िलाधीश दोनों को किसानों की गोली लगी.

जवाब में सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया. इसमें कई किसान भी घायल हुए हैं.

उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर ज़िले के भट्टा परसौल गाँव में ये हादसा हुआ जहाँ हाँ नई सड़क बननी है जिससे लिए ज़मीन का अधिग्रहण किया जा रहा है.

किसान गत 17 जनवरी से उत्तर प्रदेश सरकार के इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं.

अपने साथियों की मौत से नाराज़ पीएसी के जवान गाँव में जगह-जगह आग लगा रहे हैं.

पुलिस का कहना है कि किसानों की गोली से एक पीएसी जवान मारा गया और उन्हें समझाने बुझाने गए ज़िलाधीश दीपक अग्रवाल को भी गोली लगी. ज़िलाधीश को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है.

One response

  1. This matter has now become very complicated, so it must be handled with tactfully and sympathetically without any harm to humanity, no violent, no riot, sufferers must be compensated and Land should not be acquired forcibly from the Land Owners/Farmers. All the oppositions should unitedly resolve this issue without their own self-interest so that all the factors of this issue be resolved. One thing is that “One Company” previously has been named in controversy relating to land acquiring issues, so now that “Company” must be blacklisted. And one more thing is that “Fire to a ready Crop in the field is very bad and very serious loss of grain, even big loss for the nation,who ever have done or is involved in this, he must be punished with strict action. Instead of damaging automobiles or agricultural properties, it is better to save them for agricultural production.
    vinod
    9.5.2011

    May 9, 2011 at 5:22 PM

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