"Everybody is a genius. But if you judge a fish by its ability to climb a tree, it will live its whole life believing that it is stupid." – Albert Einstein

रामदेव और भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम


शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रियों और योग गुरू के बीच क़रीब पाँच घंटे चली लंबी बातचीत के बेनतीजा ख़त्म होने के बाद बाबा रामदेव ने कहा है कि जबतक भ्रष्टाचार के ख़ात्मे को लेकर उनकी मांगे पूरी तरह से नहीं मान ली जातीं उनका सत्याग्रह जारी रहेगा.

दिल्ली के एक पाँच सितारा होटल में मनमोहन सिंह सरकार के दो प्रतिनिधि मंत्रियों कपिल सिबल और सुबोध कांत सहाय के साथ हुई बैठक से निकलने के बाद बाबा रामदेव सीधे महात्मा गाँधी के समाधि स्थल राजघाट चले गए जहाँ से वो बाद में कार्यक्रम स्थल रामलीला मैदान पहुँचे.

रामलीला मैदान में मौजूद सैंकड़ों समर्थकों और मीडिया से बाबा रामदेव ने कहा, "जबतक हमारे मूद्दे पूरी तरह से सौ प्रतिशत प्रमाणिकता के साथ, वैधानिक तरीक़े से नहीं मानी जाएंगी, हमारा अनशन जारी रहेगा."

साथ ही रामदेव ने सरकार को ये कहते हुए खुली चूनौती भी दी कि वो अपने कार्यक्रम को किसी भी सूरत में हिंसक नहीं होने देंगे "लेकिन यदि उन्हें दबाने और कुचलने की कोशिश की गई तो ठीक नहीं होगा."

"न आजतक रामदेव को कोई दबा पाया है. न ख़रीद पाया है."

उन्होंने दावा किया कि भारत का 400 लाख करोड़ काला धन विदेशों में ग़ैरक़ानूनी तरह से जमा किया गया है और इसे जल्द से जल्द वापस लाने की कारवाई शुरू की जानी ज़रूरी है.

जब कुछ हलकों में ये ख़बर आनी शूरू हुई थी कि रामदेव एक सांकेतिक भूख हड़ताल ही करेंगे क्योंकि सरकार के साथ उनका समझौता हो गया है तो ये सवाल भी उठा था कि क्या रामदेव का अब पीछे हटना उनके समर्थकों को भाएगा. लोगों का कहना है कि उनके समर्थकों के कई जत्थे कई दिनों से दिल्ली के रामलीला मैदान में जमे हैं, लोगों ने अनशन कार्यक्रम के लिए दान दिए है.

जानकार कहते हैं कि रामदेव पर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ यानि आरएसएस और उससे जूड़ी संस्थाओं का भी दबाव हो सकता है जिन्होंने खुलकर उनका समर्थन किया है.

इस बीच अन्ना हज़ारे और उनके क़रीबी लोग भी बाबा रामदेव के साथ खड़े होने की बात कह रहे हैं.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अन्ना हज़ारे अपनी कोच्चि यात्रा अधूरी छोड़कर दिल्ली पहुँच रहे हैं और वो सभी रविवार को रामलीला मैदान जाएंगे.

मशहूर वकील और सामाजिक कार्यक्रता प्रशांत भूषण ने कहा कि वो रामदेव की ज़्यादातर मांगों से सहमत हैं क्योंकि उनकी ज़्यादातर मांगे भ्रष्टाचार के विरोध से संबंधित हैं.

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