"Everybody is a genius. But if you judge a fish by its ability to climb a tree, it will live its whole life believing that it is stupid." – Albert Einstein

स्वामी रामदेव को जबरन रामलीला मैदान से हट ा दिया गया


बाबा रामदेव

दिल्ली के रामलीला मैदान से योग गुरु स्वामी रामदेव और उनके हज़ारों समर्थकों के खदेड़े जाने के बाद स्वामी रामदेव को विमान के ज़रिए देहरादून और फिर हरिद्वार पहुँचाया गया है.

जहाँ गांधीवादी नेता अन्ना हज़ारे ने सरकार के ख़िलाफ़ देशव्यापी आंदालोन की चेतावनी दी है, वहीं भारतीय जनता पार्टी नेता लालकृष्ण आडवाणी ने संसद का आपातकालीन सत्र बुलाने की मांग की है.

ये निंदनीय है. देश में बड़ा आंदोलन करके हम सरकार को सबक सिखाएँगे…और ऐसे आंदोलन का समय आ रहा है. पुलिस ने महिलाओं पर अत्याचार किया… अगर पुलिस को कार्रवाई करनी थी, तो आधी रात में क्यों की? दिन में क्यों नहीं? हम विचार करेंगे और आंदोलन की आगे की दिशा निश्चित करेंगे

अन्ना हज़ारे

विदेशों में जमा काले धन के मुद्दे पर दिल्ली में अनशन पर बैठे योग गुरु स्वामी रामदेव और उनके समर्थकों को पुलिस ने शनिवार देर रात झड़पों, अफ़रा-तफ़री और आंसू गैस के गोलों के बीच नाटकीय ढंग से रामलीला मैदान से हटा दिया.

क्लिक करेंरामदेव समर्थकों को जबरन हटाया गया – पढ़ें

देर रात हुई कार्रवाई के दौरान हज़ारों पुलिसकर्मियों ने रामलीला मैदान पर लोगों को घेर लिया, स्वामी रामदेव को जबरन वहाँ से हटा दिया और वहाँ जमा हुए लोगों पर आँसू गैस के गोले बरसाए गए. वहाँ से खदेड़े गए अनेक लोगों ने पुलिस पर बल प्रयोग का आरोप लगाया है जबकि दिल्ली के पुलिस आयुक्त ने इसका खंडन किया है.

इस घटनाक्रम पर विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी की ओर से तीखी प्रतिक्रिया हुई है और भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने पार्टी की ओर से राजघाट पर रविवार शाम से 24 घंटे के सत्याग्रह की घोषणा की है.

क्लिक करेंतस्वीरें: रामदेव, समर्थकों के ख़िलाफ़ कार्रवाई

रामलीला मैदान

अनेक वृद्ध लोगों और महिलाओं को भी जबरन पंडाल से हटाया गया

भाजपा नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने कहा, "इन परिस्थितियों में संसद के आपातकालीन सत्र को बुलाना ज़रूरी हो गया है. ऐसे सत्र के दौरान पुलिस की कार्रवाई की वैधता पर भी बाचतीत होनी चाहिए. कोई भी सरकार इन परिस्थितियों में काम नहीं कर सकती है."

अनेक अन्य जानी-मानी हस्तियों ने भी इस घटना की निंदा की है लेकिन कांग्रेस के नेताओं – कपिल सिब्बल और दिग्विजय सिंह ने सरकारी कार्रवाई का बचाव किया है. सिब्बल ने तो कहा कि योग सिखाने वाले गुरु जनता को राजनीतिक आसन न सिखाएँ.

अन्ना हज़ारे ने पत्रकारों ने बातचीत करते हुए कहा, "ये निंदनीय है. देश में बड़ा आंदोलन करके हम सरकार को सबक सिखाएँगे…और ऐसे आंदोलन का समय आ रहा है. पुलिस ने महिलाओं पर अत्याचार किया… अगर पुलिस को कार्रवाई करनी थी, तो आधी रात में क्यों की? दिन में क्यों नहीं? हम विचार करेंगे और आंदोलन की आगे की दिशा निश्चित करेंगे."

भीषण अफ़रा-तफ़री, आसू गैस के गोले

इन परिस्थितियों में संसद के आपातकालीन सत्र को बुलाना ज़रूरी हो गया है. ऐसे सत्र के दौरान पुलिस की कार्रवाई की वैधता पर भी बाचतीत होनी चाहिए. कोई भी सरकार इन परिस्थितियों में काम नहीं कर सकती है

लालकृष्ण आडवाणी

शनिवार रात भारतीय समयानुसार क़रीब डेढ़ बजे रामलीला मैदान में तब अफ़रा-तफ़री मच गई जब स्वामी रामदेव ने घोषणा की कि पुलिस उन्हें गिरफ़्तार करने आई है. उन्होंने इस पर कड़ी आपत्ति जताई.

इस बीच पत्रकारों के जवामड़े के बीच स्वामी रामदेव मंच से नीचे कूदे और कुछ समर्थकों के कंधे पर माइक में घोषणाएँ करते नज़र आए. टीवी चैनलों ने इस पूरी कार्रवाई का लाईव प्रसारण किया.

स्वामी रामदेव ने कहा, "पुलिस मुझे गिरफ़्तार करने आई है. अगर मुझे गिरफ़्तार करना है तो दिन में करें. मैं देश की सारी जनता का आहवान करता हं कि हम इस बात का विरोध करें. मैं दिल्ली के लोगों से कहूंगा कि रामलीला मैदान पर पहुंचे."

क्लिक करेंभाजपा ने सत्याग्रह की घोषणा की, सिब्बल ने कहा – ‘राजनीतिक आसन न सिखाएँ’

स्वामी रामदेव के अनेक समर्थकों ने उनके आसपास हाथ से हाथ जोड़कर एक मानव श्रंखला बनाई लेकिन पुलिस ने उनके समर्थकों को अलग-थलग करते हुए उन्हें पंडाल से उठा लिया और बाहर ले गए.

हमने आंसू गैस के अलावा किसी प्रकार का बलप्रयोग नहीं किया है. उन्हें दी गई इजाज़त तुरंत प्रभाव से रद्द की जाती है. बाबा रामदेव को गिरफ़्तार नहीं किया गया है. उन्हें सुरक्षा चिंताओं की वजह से यहां से हटाया गया है.

बीके गुप्ता, दिल्ली के पुलिस कमिश्नर

पूरे पंडाल में अफ़रा-तफ़री मच गई. पूलिस ने कई आँसू गैस के गोले छोड़े और उनमें से एक तो मंच पर जा गिरा जिससे कुछ समय के लिए मंच के एक हिंस्से में आग लग गई लेकिन इसे जल्द ही बुझा दिया गया.

रेपिड एक्शन फ़ोर्स के अनेक जवानों ने हाथ-पैर पकड़कर लोगों को पुलिस वाहनों में भरा और रामलाली मैदान से दूर ले गए. ग़ौरतलब है कि जमा हुए लोगों में से अनेक लोग वृद्ध थे और काफ़ी संख्या में महिलाएँ और बच्चे भी वहाँ जमा थे.

पुलिस ने रामलीला मैदान का बिजली का कनेक्शन काट दिया.

‘पुलिस ने बलप्रयोग नहीं किया’

रामलीला मैदान में धारा 144 लागू है और वहाँ रविवार सुबह सन्नाटा पसरा हुआ था

पुलिस ने कहा है कि जिन शर्तों पर योग शिविर लगाने की इजाज़त दी गई थी उनका उल्लंघन हुआ और पांच हज़ार की जगह 50-60 हज़ार लोग जमा हो गए इसलिए शिविर लगाने की इजाज़त को रद्द कर दिया गया.

रामलीला मैदान में मौजूद पुलिस आयुक्त बीके गुप्ता ने कहा, "हमने आंसू गैस के अलावा किसी प्रकार का बलप्रयोग नहीं किया है. उन्हें दी गई इजाज़त तुरंत प्रभाव से रद्द की जाती है. बाबा रामदेव को गिरफ़्तार नहीं किया गया है. उन्हें सुरक्षा चिंताओं की वजह से यहां से हटाया गया है. "

रविवार सुबह पूरे इलाक़े में धारा 144 लागू थी और रामलीला मैदान पर योग शिविर पंडाल खाली पड़ा था जबकि फटी हुई दरियाँ, बैनर, टूटे बैरिकेड रात में हुई नाटकीय घटनाओं के गवाह थे. लेकिन कई जगहों से आए स्वामी रामदेव के हज़ारों समर्थक अब भी दिल्ली शहर में जगह-जगह पर फैले हुए हैं.

Source: BBC

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s