"Everybody is a genius. But if you judge a fish by its ability to climb a tree, it will live its whole life believing that it is stupid." – Albert Einstein

अन्ना जी आप कहाँ हो ??


ये सवाल सिर्फ मेरा अकेला नहीं है, ये सवाल हर उस हिन्दुस्तानी आम नागरिक का है जो आज कुछ बदलाव की उम्मीद कर रहा है, वर्तमान में राजनेताओं से तो उम्मीद करना बेकार है, ये सिर्फ अपनी सियासत की रोटी सेकना जानते हैं। देश की समस्याओं पर गौर नहीं करते, अपनी समस्याओं पर पहले करते हैं।

* क्या हमें रोजगार पाने का हक नहीं है??
* क्या सुरक्षा का अधिकार नहीं है?
* क्या गरीब को हक नहीं है दो वक़्त की रोटी का?

ऐसा क्यों हो रहा है अन्ना जी कि आज कोई भी पार्टी, कोई भी दल, खुलकर नहीं कह रहा कि हमारे पास- देश के युवाओ के लिए, देश कि तरक्की के लिए, किसानों कि उन्नति के लिए, माता बहनों की सुरक्षा के लिए, गरीबों के लिए एक मुकम्मल योजना है।

आज बातें हो रही है तो सिर्फ एक दूसरे पर कीचड फेंकने की, जो ये सियासी लोग पिछले 65 साल से करते आ रहे हैं।
वोट की ताकत से इनको केसे भगाऊ?? क्यों की जो उम्मीदवार है चुनाव में उनमे एक चोर है दूसरा महा चोर है। कैसे रोके हम इन चोरों को जनता के मंदिर में जाने से, मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा जाता है, मीडिया से उम्मीद बनती है की वो हमारे नेताओ की पोल खोले, उनकी हकीक़त जनता को बताये, जो देश की जनता के साथ धोखा कर रहे हैं, लेकिन कई बार हताश हो जाता हूँ, मीडिया उन् मुद्दों पर बात ज्यादा करता है जिन पर उतना जरुरत नहीं होती और जहां जरुरत होती है वहा उतनी सक्रियता नहीं दिखाता।

ऑस्ट्रेलिया में टीम इंडिया हार रही है इसको मीडिया वाले ऐसे दिखा रहे है जैसे सब लूट गया हो, वो तो खेल है, हार जीत चलती है।

वहीं कलमाड़ी, राजा, चिदम्बरम, जिसने देश को सच में लूटा है, सारे सबूत है फिर भी उस पर कोई कवरेज नहीं, सेलेब्रिटी छींक भी दे तो मीडिया दिन भर दिखाता है।
पिछले 6 महीने में बंगाल में 200 से ज्यादा छोटे बच्चे मर गए एक अस्पताल में, ऐसे न जाने कितने मुद्दे है मीडिया को चाहिए वो इसे उठाये, लेकिन इनको क्या इन्हें भी सिर्फ टीआरपी से मतलब है।
ऐसा लगता है जेसे ये स्तम्भ संवेदन हीन होता जा रहा है या फिर सरकार के हाथ की काठ पुतली बन गया है, हर तरफ से निराशा हाथ लगती है, फिर सोचने पर विवश हो जाता हूँ की क्या इन लोगो का आपस में गठबंधन इतना मजबूत कर लिया है कि जनता इनका कुछ बिगड़ नहीं सकती। इनको ऐसा क्यों लगता है कि देश की सत्ता इनके बाप की है ???

अब किसी से कोई उम्मीद नहीं है, ना किसी पार्टी से न किसी दल से, हमारी उम्मीद आप से हैं, "सुब्रमण्यम स्वामी" जैसे नेता से हैं।

अन्ना जी और रामदेव जी भ्रष्ट नेताओ को सबक सिखाने और देश को बचाने के लिए आपको पार्टी बनानी ही पड़ेगी। सारा देश आपके नाम से किसी को भी VOTE देने को तैयार है। एक बार आप पार्टी बनाकर, आपने लोग पूरे देश में खड़े कर दें, तो इन सारे नेताओ की माँ मर जाये…बिना साँप कटे इनको जहर चढ़ जायेगा…बिना BP HIGH हुए इनको हार्ट अटेक हो जायेगा।
केंद्र में आपकी सरकार आने से आप सारे कानून बदल सकेगे और 400 लाख करोड़ वापिस ला सकेगे और देश को बचा सकेगे। उसके बाद आपके नेता इतना पैसा देख कर थोड़े से भी भ्रष्ट होंगे तो कोई बात नहीं, पुराने नेता तो पूरे के पूरे परिवार सहित भ्रष्टाचार में पिछले 63 सालों से लिप्त हैं, लेकिन देश तो बच जायेगा। तब तक ऐसे कानून बन चुके होगे की वह भी भ्रष्ट होने से डरेगे..!!
-सचिन कुमार

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s