"Everybody is a genius. But if you judge a fish by its ability to climb a tree, it will live its whole life believing that it is stupid." – Albert Einstein

अमेरिका से नफरत करते हैं । क्यूँकि?


निम्न सात बातों के कारण हम अमेरिका से नफरत करते हैं ।

 

क्यूँकि?
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अमेरिका दुनिया का सबसे घटिया, स्वार्थी, लालची, अवसरवादी, भारत देश की एकता, अखंडता, संस्कृति और सम्पनता को सबसे बड़ा खतरा है।
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1. राष्ट्र नायक डा. कलाम का नहीं भारत का अपमान किया अमेरिका ने

अमेरिका ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए पी जे अब्दुल कलाम की तलाशी को जायज ठहराया था जब वह 29 सितंबर 2011 को कॉन्टिनेंटल एयरलाइंस के विमान पर सवार होने से पहले उनकी जांच की गई थी। यही नहीं अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने धमकी भी दी थी कि यदि आगे ऐसी जांच में रुकावट डाली गई तो अमेरिका भारत से अमेरिका जाने वाली सभी नॉन-स्टॉप विमानों की आवाजाही रोक देगा। भले ही भारत के पूर्व राष्ट्रपति डा अब्दुल कलाम अमेरिका में सुरक्षा के नाम पर उनके किये गये अपमान को भूल जाने की बात कहें या अमेरिकी प्रशासन अपनी धृष्ठता पर पर्दा डालने के लिए माफी मांगने का नाटक करे पर इस घटना से पूरा राष्ट्र इस घटना से बेहद मर्माहित है।
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2.अमेरिका की कोका-कोला, पेप्सी के कारण भारत के किसान आत्महत्या करने लगे

भारत जैसे कृषि प्रधान देश में अगर किसान आत्महत्या करने लगे तो सोचा जा सकता है कि स्थिति कितनी भयावह हो चुकी है। भारत जहां पर पचास प्रतिशत से अधिक जनता कृषि के व्यवसाय पर निर्भर है । हर दिन एक न किसान की आत्महत्या की खबरों ने मन को कसैला कर दिया है। कोका-कोला, पेप्सी की जगह गन्ने का रस और नारियल पानी पियोगे तो साल मे 7000 करोड़ हिंदुस्तान के बचेंगे और गन्ना किसानो और नारियल किसानो को लाखो का फायदा होगा और देश का पैसा देश मे रहेगा और किसान फिर आतमहत्या नहीं करेंगे। 16 राज्यों से मिली रपटों के अनुसार वर्ष 2010 में 800 किसानों ने आत्महत्या की, जबकि राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो का आकलन है कि इस दौरान 15 हजार से अधिक किसानों ने मौत को गले लगाया।
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3. अमेरिका कि संस्कृति लिव-इन रिलेशन जो भारतीय संस्कृति को हानि पहुंचा रही है। भारतीय युवा पीढ़ी का अपनी संस्कृति को छोड़ अमेरिका संस्कृति (लिव-इन रिलेशन) की ओर अग्रसर होना चिंता का विषय है। लिव इन रिलेशन-लिव-इन का मतलब एक स्त्री और एक पुरुष का बिना विवाह किए सिर्फ आपसी सहमति से एक साथ रहना है। ”लिव इन रिलेशनशिप” भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति में स्वीकार योग्य नहीं है। लिव इन रीलेशनशिप का मतलब है कि इंसान और जानवर में कोई फ़र्क नही है और इस सिस्टम का मुख्य उद्देश् अपने शरीर कि प्यास भुजाना ही है।
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4.1971 में भारत – पाक जंग के दौरान अमेरिकी सेना को भारतीय सेना पर हमले के आदेश दिए जा चुके थे।
अमेरिकी सेना को भारतीय सेना पर हमले के आदेश दिए जा चुके थे। हाल ही में उजागर 1971 के भारत-पाक युद्ध के बेहद खुफिया दस्तावेजों से अमेरिका के इस प्लान का पता चला है। अमेरिकी प्रेजिडेंट निक्सन ने भारत को सबक सिखाने की पूरी तैयारी कर ली थी। भारत पर हमले के लिए नौसेना की तीन बटालियनें रिजर्व रख ली गई थीं। यही नहीं अमेरिकन एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस एंटरप्राइज को भारतीय ठिकानों पर हमले के आदेश दे दिए गए थे।
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5.अमेरिका ने मिशनरी संस्थाओं को दिया है पैसा भारत में धर्मांतरण के लिए

अमेरिका ने भारत में धर्मांतरण के गोरखधंधे में लगे चर्च के पक्ष में अरब डॉलर खर्च किये हैं। आज स्वतन्त्रता पाने के बाद भी भारत के भोले-भाले लोग उन मिशनरियों की दुष्प्रवृत्तियों के शिकार हो रहे हैं। ईसाईयत एक धर्म आधारित साम्राज्यवादी आन्दोलन है, और प्रारम्भ से ही भारत ईसाई मिशनरियों के निशाने पर रहा है। ईसाईयत छल, कपट, धोखा, जालसाजी और प्रलोभन आदि के द्वारा गैर-ईसाईयों के धर्मान्तरण के लिए विख्यात रही है।
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6. अमेरिका के पाकिस्तान को बड़ी मात्रा में हथियार बेचने की नीति

अमेरिका के पाकिस्तान को बड़ी मात्रा में हथियार बेचने की नीति के मुद्दे को भारत ने कई बार अमेरिका के सामने उठाया है। भारत के रक्षा मंत्री ने भी इस बात पर चिंता जताई है कि अमेरिका जिस तरह के हथियार पाकिस्तान को दे रहा है, उनका बेहतर इस्तेमाल पारंपरिक युद्ध में हो सकता है। अमेरिका ने पाकिस्तान को एफ-16 लड़ाकू विमान बड़ी तादाद में दिए हैं।
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7. 16 नवम्बर 2010 भारत की (उम्मीदों संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद स्थायी सदस्य पर्मानेंट मेंबर बनने) पर अमेरिका ने पानी फेरा

सुरक्षा परिषद में पांच वीटो शक्ति से लैस स्थायी सदस्य हैं: अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन ! संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य (पर्मानेंट मेंबर) बनने की भारत की उम्मीदों पर अमेरिका ने पानी फेर दिया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट के मसले पर अमेरिका ने भारत का समर्थन नही किया है।

जय हिन्द, जय भारत ! वन्दे मातरम !!
— युधवीर सिंह लाम्बा भारतीय

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