"Everybody is a genius. But if you judge a fish by its ability to climb a tree, it will live its whole life believing that it is stupid." – Albert Einstein

जी डी अग्रवाल उर्फ स्वामी ग्यान स्वरुप सान ंद जी और राष्ट्रीय नदी गंगा


पर्यावरण वैज्ञानिक और आईआईटी कानपुर में प्रोफेसर रहे 77 साल के "जी डी अग्रवाल" उर्फ "स्वामी ग्यान स्वरुप सानंद जी" पिछले कई दिनों से हमारी "राष्ट्रीय नदी गंगा" को बचाने के लिए पिछले कई दिनों से तप (अनशन) कर रहे हैं। हालत बिगड़ने के बाद उन्‍हें वाराणसी स्थित शिवप्रसाद गुप्‍त अस्‍तपाल में भर्ती कराना पड़ा था लेकिन उन्‍होंने डिप निकाल दिया। स्वामी जी के स्वास्थ्य की जांच की गई तो उनका स्वास्थ्य सामान्य से काफी निम्नतम स्तर पर पाया गया। ब्लड प्रेशर 174/77, पल्स रेट 81 और वजन घट कर 47.5 किलो पहुंच गया है। सीने में भी कुछ दिक्कतें पाई गईं लिहाजा उन्‍हें आईसीयू में शिफ्ट करने की जरूरत पड़ी।

स्वामी सानंद पूरे दिन काफी दुखी व असहज नजर आए। वह रात से ही इस बात को लेकर परेशान थे कि चिकित्सा के नाम पर उन्हें परेशान क्यों किया जा रहा है, जबकि वह अपने आप को स्वस्थ्य पा रहे हैं। हार्टअटैक का कोई असर उन्होंने महसूस नहीं किया फिर उनके शरीर में सुई क्यों चुभोई जा रही है, नाक में बल पूर्वक नली क्यों चढ़ाई जा रही है। सुबह भी जब उन्हें दिल्ली भेजने की तैयारी की जा रही थी तो उन्होंने इसका कड़ा विरोध किया। कहा, उनकी मंशा काशी में तप करने की है, उन्हें कहीं अन्यत्र न भेजा जाए लेकिन उनकी एक न सुनी गई, जबरिया दिल्ली भेज दिया गया।

गंगा नदी पर बांध बनाए जाने की विरोध में अन्‍न, जल त्‍याग करने वाले स्‍वामी ज्ञानस्वरूप सानंद की हालत बेहद खराब हो गई है। स्‍वामी सानंद को आमरण अनशन पर बैठे हुए एक महीने से अधिक का वक्‍त हो गया है। पहले उन्‍होंने अन्‍न का त्‍याग किया फिर 9 मार्च को उन्‍हें पानी पीना भी छोड़ दिया। स्‍वामी सानंद बीते तीन सालों में तीसरी बार अनशन पर बैठे हैं। उनकी जिद है कि जब तक केंद्र सरकार गंगा पर बांध नहीं बनाए जाने के बारे में सरकार को कोई ठोस फैसला नहीं लेती, तब तक वह अन्‍न-जल ग्रहण नहीं करेंगे।

http://en.wikipedia.org/wiki/G._D._Agrawal

पीएम मनमोहन सिंह के दूत के तौर पर केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल भी हाल में स्‍वामी सानंद से मिले लेकिन बैठक में कोई नतीजा नहीं निकल सका और गतिरोध जारी है। श्रीप्रकाश जायसवाल नेशनल गंगा रिवर बेसिन अथॉरिटी के चेयरमैन भी हैं। अभी तक सरकार की ओर से कोई आश्वासन नही आया है और न मीडिया को फुर्सत है इनके बारे में दिखाने की।

पालतू मीडिया शर्म करो !!

जय हो स्वामी सानंद जी की !!

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