"Everybody is a genius. But if you judge a fish by its ability to climb a tree, it will live its whole life believing that it is stupid." – Albert Einstein

विमान शास्त्र


अभी कुछ दिन पहले मैंने एक पत्रिका मे विमान शास्त्र के कुछ अंशो को देखा , तो विमान शास्त्र को पढ़ने का मन किया….थोड़ा प्रयास किया तो एक आचार्य श्री नरेंद्र जी के पास से यह ग्रंथ प्राप्त हुआ…. जो काफी पुराना और जर्जर हालत मे था , शुरुवात के कई पन्ने भी गायब थे…. किन्तु थोड़ा सा पढ़ा तो वास्तव मे यह ग्रंथ आश्चर्यचकित कर देने वाला है….इसमे विमानविषयक ऐसी युक्तिया तो है ही जिंनका प्रयोग आधुनिक काल मे हो रहा है , इसके अतिरिक्त अनेकों विमाननिर्माण की ऐसी विधिया व युक्तिया भी है , जिनके बारे मे शायद आधुनिक विज्ञान सोच भी नहीं सकता…. हालांकि ये आश्चर्यचकित करने वाली बात है कि इस पर आज के समय मे किसी ने कार्य क्यो नहीं किया….शायद इसका कारण ये हो सकता है कि जो करने मे सक्षम है किन्तु साधन सम्पन्न नहीं , जो साधन सम्पन्न है वो करने मे सक्षम नहीं…. अब निर्मल बाबा तो विमान बना नहीं सकते…किन्तु ये पूर्ण सत्य है कि अगर आज के समय मे इस पर कार्य किया जाये तो सफल परिणाम अवश्य ही प्राप्त हो…… इसमे अनेकों शब्दो को समझना मुश्किल है , किन्तु संस्कृत का जिस विद्वान को पूर्ण ज्ञान हो वह अवश्य ही इन शब्दो को वास्तविक आकार देने मे समर्थ है….अपने संस्कृत अध्ययन के पूर्ण होने पर मे अवश्य ही इन विधियो का अध्ययन कर इसका खाका तैयार करना चाहूँगा ……आप इस लेख को कॉपी करके रख सकते है….ताकि आवश्यकता पढ़ने पर विज्ञान की संतानों को दिखा सके….कि वेदिक काल का हमारा विज्ञान कितना उन्नत था….हम आज कहते है कि जिस चीज के बारे मे सौ साल पहले हम सोच भी नहीं सकते थे , वो आज है …. किन्तु हमारे वैदिक ग्रंथो मे लाखो वर्ष पूर्व ही उन्हे खोज कर लिख दिया …

मेघोत्पत्तिप्रकरणोक्तशरन्मेधावरणषट्केषु द्वितीया वरणपथे विमानमन्तर्धाय विमानस्थ शक्त्याकर्षणदर्पणमुखात्तन्मेधशक्तिमाहत्य पच्श्राद्विमानपरिवेषचक्रमुखे नियोजयेत् । तेनस्तंभनशक्तिप्रसारणम् भवति, पच्श्रात्तद्दवा रा लोकस्तम्भनक्रियारहस्यम् ॥

मेघोत्पत्ति प्रकरण में कहे शरद ऋतु संबंधी छ: मेघावरणों के द्वितीय आवरण मार्ग में विमान छिपकर विमानस्थ शक्ति का आकर्षण करने वाले दर्पण के मुख से उस मेघशक्ति को लेकर पश्चात् विमान के घेरे वाले चक्रमुख में नियुक्त करे , उससे स्तम्भनशक्ति का विस्तार अर्थात प्रसार हो जाता है ,एवं स्तम्भन क्रिया रहस्य हो जाता है ….

इस मंत्र में जो दर्पण आया है , उसे शक्ति आकर्षण दर्पण कहा जाता है , यह पूर्व के विमानो मे लगा होता था , यह दर्पण मेघो की शक्ति को ग्रहण करता है ।
दूसरा विमान मे एक स्थित चक्र मुख यंत्र होता है ….. आकाश में शक्ति आकर्षण दर्पण मेघो की शक्ति को ग्रहण करके , स्थित चक्र के माध्यम से मुख यंत्र तक पहुचा देता है… तत्पश्चात चन्द्र मुख यंत्र स्तंभन क्रिया का प्रारम्भ कर देता है…….

इसके अतिरिक्त एक चौकाने वाली चीज और देखी , जिसमे विमान को अदृश्य करने का रहस्य वर्णित है ….उसमे शक्ति यंत्र सूर्य किरणों के उषादण्ड के सामने पृष्ठ केंद्र में रहने वाले वेणरथ्य किरण आदि शक्तियों से आकाशतरंग के शक्तिप्रवाह को खीचता है , और वायुमंडल में स्थित बलाहा विकरण आदि पाँच शक्तियों को नियुक्त करके उनके द्वारा सफ़ेद अभ्रमंडलाकार करके उस आवरण से विमान के अदृश्य करने का रहस्य है …..

इतना ही नहीं , इस ग्रंथ के दश्य रहस्य विचार में एक "विव्श्रक्रिया दर्पण का उल्लेख भी आता है , जिसे हम आज रडार सिस्टम कहते है ….. एक अध्याय मे इसका थोड़ा विस्तृत रूप मे भी उल्लेख है … पर यहा संक्षेप मे उद्गृत करता हू – इसके अंतर्गत आकाश में विद्युत किरण और वात किरण मतलब रेडियो वेव्स , के परस्पर सम्मेलन से उत्पन्न होने वाली बिंबकारक शक्ति अर्थात इमेज मेकिंग पावर वेव्स का प्रयोग करके , रडार के पर्दो पर छाया चित्र बनाकर आकाश मे उड़ने वाले अदृश्य विमानो का पता लगाया जा सकता है ……….॥ओ३म्॥ … जय श्री राम

4 responses

  1. Will reply you soon dear.

    April 17, 2013 at 1:42 PM

  2. I don’t have but of my friends have will try to send it to you on provided emailid.

    April 17, 2013 at 1:39 PM

  3. ravindra tomar

    please reply me as soon as possible i am waiting for ur reply

    April 16, 2013 at 10:50 PM

  4. ravindra tomar

    do u have copy of this book can i have it please reply me my email is sonutr5@gmail.com

    April 16, 2013 at 10:48 PM

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s